मैं कवि नहीं हूँ!

मैं कवि नहीं हूँ! निराला जैसी कोई बात मुझमे कहाँ!

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मैं कवि नहीं हूँ

Posted On: 7 Jun, 2010 Others,मस्ती मालगाड़ी में

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मैं कवि नहीं हूँ,
दिनकर जैसी कोई बात मुझमे कहाँ.

मदिरालय की मिठास, और कुरुक्षेत्र की वीरता,
बच्चन और दिनकर के साथ ही खो गए.
उर्वशी के प्रेम और भारत भारती की महिमा,
विकास और आधुनिकता की गोद मैं सो गए.

कहाँ हैं वो कवि, शब्दों से रण लड़ने वाले,
हर रचना में, विश्व का रंग भरने वाले.
अब तो हर शब्द विचारहीन और श्वेत हैं,
अब कविता की धारा में, दिखता नहीं आवेग है.

कभी प्रजातंत्र की परिभाषा, मन को भाती थी,
कल्पनाएं उनकी जीवन के सौ रंग सिखाती थी.
कहाँ हैं वो रचनाकार, कहाँ हैं वो कवि,
जिनकी कविता के प्रकाश में, बसते थे रवि.

आज के प्रजातंत्र की परभाषा, जनता का वोट है,
और उस वोट की कीमत, कुछ और नहीं, बस चंद नोट है.
कवि के ह्रदय में बसता अब खोट है,
राजनीतिज्ञ, ये तो प्रजातंत्र पर गहरी चोट है.

मैं कवि नहीं हूँ
निराला जैसी कोई बात मुझमे कहाँ.

रश्मिरथी जैसे काव्य तो अब विरले ही हाथों मैं आते हैं,
अबतो विवाह में भी, हमारे हिमेश जी ही छाते हैं.
सारे जहाँ से अच्छा, ऐसे बोल अब किसकी लेखनी लिखती है,
अब पुस्तकों में भी, माओवाद की कहानी बिकती है.

मैं कवि नहीं हूँ,
दिनकर जैसी कोई बात मुझमे कहाँ.

गोदान और गबन के इस देश में,
अब साहित्य का रस अदृश्य होता जा रहा है.
दूर देश का एक राक्षस,
हमारी स्थिति पर, हमारा उपहास किये जा रहा है.

कहाँ हो, मेरे दिनकर, मेरे प्यारे निराला
कहाँ हो, बच्चन, कौन पिएगा अब विष की हाला.
कोई तो मुझे बताये, मेरे ये गुदरी के लाल कहाँ गए,
इस पापी संसार में, इनके बिना कोई कैसे रहे.

में कवि नहीं हूँ,
दिनकर जैसी कोई बात मुझमे कहाँ.

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536 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

    Barbi के द्वारा
    July 12, 2016

    I’d have to test with you here. Which isn’t something I often do! I enjoy reading a put up that can make folks think. Addiyionallt, thanks for permitting me to comment!

    Geralynn के द्वारा
    July 12, 2016

    می‌گه:کافه نادری:دیکتاتوری دیکتاتوریه و کسی ازش انتظاری نداره، اما دموکراسی با اون هم ادکلن و کت و شلوار و اهن و تلپ اوضاعش فرق می‌کنه. این موضوع اتفاقا خیلی هم به دموکراسی‌های واقعا موجود و سیستم‌هایی که دموکراسی هستن اما اساسا «به صورت دموکراسی کار نمی‌کنن» و به Ùˆ™ÂÃلیnot-functioning-democraciesمرØ‚¨Ã™ÂˆÃ˜Â· می‌شه.

Suevonne के द्वारा
May 24, 2011

The forum is a brighter place thanks to your posts. Thnkas!

Nikhil के द्वारा
June 10, 2010

Thanks Abhishake. I will keep on posting my new works.

Abhishake Sharma के द्वारा
June 9, 2010

Thats the best so far.. such hidden talents are welcomed and requested to come upfront.. great job thats imperative that we should learn something out of it..!!!

sumityadav के द्वारा
June 7, 2010

बहुत बढ़िया रचना। लगे रहिए 

    Nikhil के द्वारा
    June 7, 2010

    धन्यवाद सुमित जी. ऐसे ही उत्साह बढ़ाते रहे, एक न एक दिन कवी बन ही जाऊँगा.

vikas jha के द्वारा
June 7, 2010

wonderful brother………..!!!!!!!!m really proud of you

    Nikhil के द्वारा
    June 7, 2010

    thanks bhai!

rajkamal के द्वारा
June 7, 2010

आप aab तक कहा थे-

    aditi kailash के द्वारा
    June 7, 2010

    निखिल जी, बहुत खूब…..और आप कहते हैं आप नौसिखिये हैं……..बधाइयाँ……

    Nikhil के द्वारा
    June 7, 2010

    हम तो यहीं थे अभी तक हह्में किसी ने पुकारा नहीं था.

    Nikhil के द्वारा
    June 7, 2010

    मैं तो अभी भी कहता हूँ की मैं नौसिखुआ हूँ. अभी एक महिना भी तो नहीं हुआ है लिखना शुरू किये हुए.

    Gerri के द्वारा
    July 12, 2016

    Hiya particularly cool website!! Man.. Excellent.. Amazing.. I’ll lesezeichen any website and additionally receive all the rss feeds additionally …I’m satisfied to find so many helpful info right here within the submit, we need work out extra techniques on this admiration, thanks just for stating.


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